चित्रकूट। कोषागार घोटाला के मामले में शनिवार को न्यायालय में एक बिचौलिए की जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी। न्यायालय ने 11 फरवरी को सुनवाई की अगली तारीख दे दी है। वहीं महिला पेंशनर की बढ़ी धारा में जमानत मंजूर हो गई है। जो रविवार तक जेल से बाहर आएंगी।
कोषागार में हुए 43.13 करोड़ के घोटाला में 93 पेंशनर, चार कर्मचारी के नाम प्राथमिकी दर्ज है। एसआईटी को जांच में 24 बिचौलिया अब तक चिह्नित हो चुके हैं। इनमें से नौ बिचौलियों को एसआईटी अब तक जेल भेज चुकी है। वहीं 16 पेंशनरों को गिरफ्तारी से बचने के लिए स्टे आर्डर भी मिल चुका है। जेल में बंद दो महिला पेंशनरों को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। इसमें से एक महिला पेंशनर जोगवा देवी उर्फ जुगुवा देवी पहले ही जेल से बाहर आ चुकी हैं। वहीं बरहट निवासी बिचौलिया दीपक पांडेय की महिला पेंशनर मां लक्ष्मी देवी को हाईकोर्ट से कई दिन पहले जमानत मिल गई थी, लेकिन बढ़ी धारा में जिला न्यायालय से नहीं मिली थी। शनिवार को सुनवाई के बाद बढ़ी धारा में भी जमानत मिल गई। वहीं शासकीय अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्र ने बताया कि बिचौलिया दीपक पांडेय के हनुवा निवासी साले देव कुमार त्रिपाठी उर्फ बोग्गन त्रिपाठी की सुनवाई होनी थी लेकिन पूरे रिकार्ड न होने के कारण अगली तारीख 11 फरवरी निर्धारित कर दी गई। अब उसी दिन सुनवाई होगी।