चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में जेल में बंद बिचौलिया बृजेश कुमार की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी। बृजेश कुमार पांच माह से जेल में बंद है। एसआईटी की जांच में उसका नाम सामने आया था। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्र ने बताया कि जांच में बृजेश कुमार की संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं। मृतक पेंशनर रामखेलावन के बेटे अमृतलाल के खाते से बृजेश के खाते में पैसे भेजे गए थे। सात मार्च 2022 से छह सितंबर 2024 के बीच कुल 49 बार में 8,64,700 रुपये का लेनदेन हुआ। इसके अतिरिक्त, पेंशनर गिरिजा प्रसाद और शिवबहादुर सिंह से भी साठगांठ की गई। चेक के माध्यम से उनके खातों से एक-एक लाख रुपये बृजेश के खाते में डलवाए गए। पेंशनर सुशीला देवी के बिचौलिया अजय सिंह और अजीत सिंह की मिलीभगत से भी 60 हजार रुपये बृजेश के खाते में आए। जांच में बिचौलिया बृजेश कुमार के मोबाइल बातचीत के रिकॉर्ड भी मिले हैं। (संवाद)