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प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

Wed, 02 Mar 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
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तहसील दिवस में रगौली के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और इंदिरा आवास की शेष किस्त भुगतान की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि इंदिरा आवास योजना के तहत गरीब ग्रामीणों को कालोनी निर्माण के लिए योजना का लाभ मिलना स्वीकृत हुआ था। जिसमें पहली किस्त के रूप में 33,750 रुपये प्राप्त हुए। जिससे ग्रामीणों ने नीव से छत तक दीवाल खड़ी कर दी है। किस्त की शेष धनराशि न मिलने से आवास का काम अटका है। ग्रामीण खुले में रहने के लिए मजबूर है। इस मौके पर आशा, सुमन, गोमती, सुनीता, संतों आदि मौजूद रहे।
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सदर ब्लाक के कोलगदहिया के सलैयापुर से आए ग्रामीणों ने डीएम नीलम अहलावत को ज्ञापन देकर बताया कि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत उनके फार्म जमा हुए हैं लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं मिला हैं। जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ता है। विभागीय अधिकारियेां को कई बार पत्र देकर कनेक्शन कराने की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। इस मौके पर राम कुमार, संतोष कुमार, कमलादेवी, कमलेश, सत्यनारायण व राजू आदि मौजूद रहे।

पहाड़ी ब्लाक  के बाबूपुर गांव निवासी शिवसागर, सुरेश, राजा, करुणेश, मानसिंह, चुनकू, झूरी देवी व राजकली आदि ने तहसील सभागार के सामने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पेयजल का भी संकट है, कुछ हैंडपंपों से इस समस्या का समाधान हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार ट्यूबवेल से पानी नहीं मिल पा रहा है और तालाब भी सूखे हैं। जिससे बची फसल को नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की।
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तहसील दिवस मऊ में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर गांवों में नई कार्य योजना बनवाने व भूमि प्रबंधन समितियों को सक्रिय कराने की मांग की है। भाकियू उपाध्यक्ष रामलाल शास्त्री, महानारायण मिश्रा, छैलबिहारी, शारदा प्रसाद, लखन, गोकुल प्रसाद, राम कुमार, छोटका व मानव विकास संस्थान के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह आदि ने उप जिलाधिकारी राममूर्ति त्रिपाठी को ज्ञापन देकर बताया कि गांव समाज की जमीन पर दबंग कब्जा कर रहे हैं। भूमि प्रबंधन समिति निष्क्रिय होने से कोई काम नहीं हो पा रहा। विरोध पर मारपीट की नौबत आती है। ऐसे में पूर्व गठित समितियों को सक्रिय किया जाए। इसके अलावा नए वित्त वर्ष में गांव के विकास कार्य के लिए कार्ययोजना बनाई जाए।
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