मजदूरी करने गए 88 मजदूरों के मथुरा की एक ईंट भट्ठे में बंधुआ बनाने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को मुख्यालय लौटे इन मजदूरों ने अधिकारियों को अपनी पीड़ा बताई। बंधुआ मुक्ति मोर्चा के माध्यम से छूट कर आए मजदूरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर शेष मजदूरी और मालिक पर कार्रवाई की मांग की है।
बंधुआ मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता राजाराम, रामभवन, संतोष, राधा के नेतृत्व में धरने पर बैठे मुक्त हुए मजदूरों ने बताया कि एक साल पहले मथुरा के एक ईंट भट्ठा में मजदूरी करने गए थे। कुछ दिनों तक काम कराने के बाद उनका बाहर निकलना बंद करा दिया गया। पांच माह से मजदूरी नहीं दी।
इसकी जानकारी किसी तरह बंधुआ मुक्ति मोर्चा तक पहुंची, तो टीम ने छानबीन शुरू की। अधिकारियों से मिलकर मजदूरी करने वाले चित्रकूट जिले के बगलई निवासी सीमा, शीला, मीना, पवन, देवराज, राहुल, जमहिल, रामबहोरी, राजू, राजकुमारी, छपरा गांव से राकेश, छोटू, बबुली, रामकली, पिंकू, सिद्धपुर निवासी अजय, अमृता, चुन्नी, आशुतोष, अन्तू, बाबादीन, चुन्नी, आशुतोष कुमार, सुशीला, वंशीपुर निवासी रामभवन, मोहित, छोछेलाल, ललता, दिनेश, लवकुश, रामस्वरूप, चचौरा गांव से रामप्रसाद, सुनीता, बांदा जिले के अर्तरा निवासी शिवबरन, बन्ना, पूरन, सतना जिले के मझगवा निवासी सुरेश, मंगू, राजेंद्र प्रसाद, कमला बउरी, गोल्डी, धर्मेंद्र, मनोज को रिहा कराया। किसी तरह वहां से लौटे मजदूरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर मथुरा र्के इंट भट्ठा मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।