चित्रकूट। कर्वी शहर की तस्वीर अगले पांच साल में पूरी तरह बदलने वाली है।
जाम, अतिक्रमण और बेतरतीब निर्माण से जूझ रहे शहर को व्यवस्थित करने के लिए विकास प्राधिकरण ने महायोजना-2031 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। दो लाख की भावी आबादी को ध्यान में रखकर पूरे शहर को छह जोन में बांटा गया है। हर जोन का अपना नक्शा, अपनी आबादी और अपनी पहचान होगी।
प्राधिकरण के ड्राफ्ट के अनुसार जोन-1 शहर का सबसे छोटा हिस्सा होगा। 396.16 हेक्टेयर में फैले इस जोन में महज 15 हजार लोग बसेंगे। इसे लो-डेंसिटी शांत आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सिंगल-डबल मंजिला मकानों को प्राथमिकता मिलेगी।
जोन-2 को शहर के फेफड़े के रूप में विकसित किया जाएगा। 504.28 हेक्टेयर वाला यह जोन भी 15 हजार आबादी वाला होगा, लेकिन इसकी पहचान हरियाली होगी। बड़े सेंट्रल पार्क, खेल मैदान, स्कूल और अस्पताल जैसी सार्वजनिक सुविधाएं इसी जोन में बनेंगी।
510.63 हेक्टेयर वाला जोन-3 मिक्स यूज वाला होगा। 25 हजार की आबादी वाले इस जोन में घर के साथ-साथ रोजगार भी होगा। छोटी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को यहां जगह मिलेगी। शहर का सबसे बड़ा विस्तार जोन-4 में होगा। 661.04 हेक्टेयर में फैले इस जोन में 50 हजार लोगों के बसने का लक्ष्य है। प्राधिकरण इसे भविष्य का कर्वी मान रहा है, जहां चौड़ी सड़कें, नई कॉलोनियां और आधुनिक सीवर लाइन का जाल बिछेगा।
जोन-5 बनेगा शहर का दिल। 500.76 हेक्टेयर में 55 हजार की आबादी के साथ यह सबसे घना जोन होगा। बहुमंजिला इमारतें, शॉपिंग मॉल और कॉर्पोरेट टावर यहीं बनेंगे। इसे कर्वी का नया व्यावसायिक हब बनाया जाएगा जबकि 548.80 हेक्टेयर वाला जोन-6 औद्योगिक जोन होगा। 40 हजार की आबादी वाले इस जोन में छोटे उद्योग, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक पार्क स्थापित होंगे।
वर्जन
जोनवार प्लानिंग लागू होने के बाद कर्वी न सिर्फ जाम और अतिक्रमण से मुक्त होगा, बल्कि बुंदेलखंड का सबसे सुनियोजित शहर बनकर उभरेगा।- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।