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Chitrakoot News: आचमन योग्य भी नहीं मंदाकिनी का जल

Fri, 26 Sep 2025 02:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट

सार

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जल सती अनुसुईया घाट से मात्र सात किलोमीटर बाद रामघाट पर दूषित पाया गया है। जल परीक्षणों में यहां पानी लगातार सी ग्रेड में दर्ज हुआ है। इससे जलजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है।
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फोटो 25 सीकेटीपी-24- परिचय- मंदाकिनी नदी में स्नान करते श्रद्धालु- फाइल फोटो
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विस्तार
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चित्रकूट। आस्था का प्रतीक मंदाकिनी नदी का जल सात किलोमीटर चलने के बाद दूषित हो गया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण इकाई सतना और जल परीक्षण प्रयोगशाला जल निगम कर्वी द्वारा किए गए परीक्षण में वर्ष 2016 से अब तक रामघाट पर मंदाकिनी का जल लगातार सी श्रेणी में बना हुआ है। यह तब है जब नदी की सफाई का दावा किया जा रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सती अनुसुईया घाट और रामघाट पर 2016 से 2019 तक लगातार जल गुणवत्ता का परीक्षण किया। रिपोर्ट के अनुसार सती अनुसुईया घाट पर अधिकांश समय जल ए श्रेणी में रहा। वहीं रामघाट, जो सती अनुसुईया घाट से केवल सात किलोमीटर दूर है, वहां जल गुणवत्ता इतनी गिर गई कि सी ग्रेड में दर्ज की गई। 2019 से 2024 तक भी जल निगम कर्वी ने कई बार नमूने लेकर परीक्षण किया, जिसमें पानी का स्तर सी ग्रेड ही पाया गया।

मंदाकिनी नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के सतना जिले के मढगवां ब्लॉक के पिण्डया ग्राम के पहाड़ियों से माना जाता है। नदी 39 किमी चलकर सती अनुसुईया घाट पहुंचती है और फिर 7 किमी आगे चित्रकूट के सरथुआ गांव में मिलती है। नदी उत्तर प्रदेश में हरौहा, चित्रकूट, पाठा, सीतापुर व पहाड़ी क्षेत्रों में सिंचाई के साथ करोड़ों लोगों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है। इसके बावजूद नदी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है।
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जल में जीवाणुओं की भरमार
पानी की जांच में फीकल कोलीफार्म यानी मलजनित जीवाणुओं की संख्या अधिक पाई गई है, जिससे जलजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है।

सती अनुसुईया घाट
टोटल कोलीफार्म 540
फीकल कोलीफार्म: 240
घुलनशील ऑक्सीजन 12.6 मिलीग्राम/लीटर
बीओडी 2.0 मिलीग्राम/लीटर

रामघाट में

टोटल कोलीफार्म: 1600
फीकल कोलीफार्म: 1200
घुलनशील ऑक्सीजन: 12.1 मिलीग्राम/लीटर
बीओडी: 2.1 मिलीग्राम/लीटर

बीओडी का अर्थ है बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड। यह उस ऑक्सीजन की मात्रा को दर्शाता है, जो पानी में रहने वाले जीवों को गैर-जरूरी जैविक पदार्थों को नष्ट करने के लिए चाहिए। बीओडी जितनी अधिक होगी, पानी में ऑक्सीजन उतनी तेजी से समाप्त होगी और जीवों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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नदी की जल गुणवत्ता वर्गीकरण

ए-प्राथमिक उपचार के साथ पीने योग्य। बी-नहाने योग्य, गुणवत्ता मध्यम से अच्छी। सी-गुणवत्ता असंतोषजनक। डी-गुणवत्ता अति असंतोषजनक। ई-गुणवत्ता बेहद खराब
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