चित्रकूट। धर्मनगरी में पवित्र मंदाकिनी नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 52 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी सीवर लाइन परियोजना आकार ले रही है। मध्य प्रदेश क्षेत्र में बहने वाली इस नदी को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से 46 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन बिछाई जा रही है। परियोजना को मानसून से पहले पूरा करने का दावा किया जा रहा है, जिससे गंदे नालों का पानी नदी में गिरने से रुकेगा।
इस परियोजना के तहत कुल 3,800 घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जाना है। अब तक 2,200 घरों को सफलतापूर्वक जोड़ा जा चुका है और लगभग एक हजार घरों तक विस्तार किया गया है। शहर का सीवेज एक पंपिंग स्टेशन के माध्यम से केवटरा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। यह प्लांट प्रतिदिन चार करोड़ लीटर गंदे पानी का शोधन करने में सक्षम होगा। इसमें एक ही टैंक में विभिन्न चरणों में पानी को शुद्ध करने की नवीन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसे नदी में छोड़ने से पहले पूरी तरह शुद्ध होगा। वर्तमान में वैदेही नाला और प्रमोदवन क्षेत्र का गंदा पानी सीधे मंदाकिनी नदी में मिलता है, इससे जल प्रदूषित होता है। पूर्व सभासद बुद्ध प्रकाश सिंह और समाजसेवी विनोद पांडेय ने कहा कि यह नदी संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मानसून आने से पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बताया कि परियोजना का 95 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इससे नालों का पानी मंदाकिनी नदी में नहीं गिरेगा।
शैलेंद्र शुक्ल, परियोजना प्रभारी