याचिका समिति के सभापति शंकर लाल तिवारी व सदस्य बैठक लेते हुए
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धार्मिक नगरी के विकास के लिए मध्य प्रदेश सरकार की याचिका समिति के सभापति और सदस्यों ने रविवार को जिला प्रशासन के अफसरों के साथ बैठक की। मंदाकिनी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के उपाय पूछे। बताया गया कि बस्तियों से निकलने वाले पानी को नदी में गिरने से रोकने के सीवरेज प्लांट बनाए जाएं। सीमित के सदस्यों ने बताया कि परिक्रमा मार्ग पर टीनशेड बनाए जाएंगे। जगह-जगह पानी की व्यवस्था होगी। वहीं समिति के सदस्यों ने धार्मिक क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थानों का भ्रमण भी किया।
रविवार को धार्मिक नगरी के पर्यटक बंगला में बैठक हुई। जिसमें याचिका समिति के सभापति शंकर लाल तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटक क्षेत्रों के विकास के लिए याचिका समिति बनाई है। समिति ने यहां के प्रमुख स्थानों का सर्वे किया है।
सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार को रिपोर्ट दी जाएगी। केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार इसके लिए विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य कर रही है। मंदाकिनी नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए ठोस कार्य शुरू होंगे।
इसके लिए उपाय और सुझावों पर अमल किया जाएगा। इसके साथ ही कामदगिरी परिक्रमा मार्ग, हनुमान धारा, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावारी सहित अन्य धार्मिक स्थानों का विकास किया जाएगा। चित्रकूट से सतना तक सड़क का निर्माण किया जाएगा।
इसके पहले उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ धार्मिक नगरी में कई दिन से चल रहे विकास कार्यों के निर्माण के बारे में जानकारी ली। समिति के सदस्यों ने धार्मिक नगरी के प्रमुख क्षेत्रों का दौरा भी किया।