मंदाकिनी नदी का पानी रामघाट और दुकानों मे पहुंचा तो ठिकाना छोड़ने लगे दुकानदार।
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चित्रकूट । जिले व आसपास इलाकों में लगातार दो दिन की बारिश से मंदाकिनी बुधवार रातभर उफनाती रही। गुरुवार को पानी उतरा लेकिन करीब सौ दुकानों में सामान बर्बाद कर गया। इन दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ है। वहीं मानिकपुर में बरदहा नदी के चढ़ाव से सुबह तक छह गांवों का संपर्क टूटा रहा।
सोमवार और बुधवार सुबह से देर रात तक झमाझम बारिश हुई। मप्र के सतना जिले के पहाड़ों की ओर मंगलवार से हो रही बारिश के चलते देर शाम को मंदाकिनी उफनाने लगी। रामघाट की सीढ़ियां डूब गई थीं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दुकानदारों और आसपास रहने वालों से इलाका खाली करने के लिए एनाउंस कराया था। देर रात रामघाट पर स्थित गोस्वामी तुलसी दास की मूर्ति आधी डूब गई। आरती स्थल लबालब हो गया। पानी सीतापुर बस्ती की ओर बढ़ने लगा। प्रमोद वन, जानकी कुंड, आरोग्यधाम भी पानी के दायरे में आने लगा। पानी रामघाट के आसपास दुकानों में घुस गया। सामान बर्बाद होने से करीब 100 दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ है। गुरुवार दोपहर बाद बारिश बंद होने से नदी का जलस्तर घटने लगा। शाम को पानी रामघाट की सीढ़ियों तक उतर गया था।
मानिकपुर की बरदहा नदी भी बारिश से उफना गई थी। इससे मारकुुंडी, सकरौंहा, बहिलपुरवा की ओर जाने वाले आधा दर्जन गांवों का रास्ता बुधवार रात से लेकर गुरुवार सुबह तक बाधित रहा। दोपहर बाद जलस्तर कम होने से ग्रामीणों को राहत मिली। वहीं मऊ इलाके के नाले व रपटों का पानी भी कम हुआ है। इससे लोग आवागमन शुरू कर पाए।