चित्रकूट। 17 मई से मलमास (अधिक मास) का महीना शुरू हो जाएगा, जो एक माह तक चलेगा। इस अवधि में विवाह सहित सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। यह माह भक्ति और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मलमास हर तीन साल में एक बार आता है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा व सूर्य पर आधारित कैलेंडर के अंतर को संतुलित करना है। इसी कारण विक्रम संवत 2083 में 13 महीने होंगे। इस दौरान नया व्यवसाय शुरू करना, वाहन या मकान खरीदना और भवन निर्माण जैसे कार्य अशुभ माने जाते हैं। इन कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
इसके विपरीत, यह माह भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए विशेष फलदायी है। श्रद्धालु इस दौरान भक्ति भाव से अनुष्ठान करते हैं। नारद पुराण के अनुसार, इस माह में भजन-कीर्तन और दीपदान से सुख-समृद्धि बढ़ती है। संत नवलेश दीक्षित ने इसे आध्यात्मिक उन्नति और आत्म-चिंतन के लिए उत्तम समय बताया। व्यापारियों राजेश गुप्ता और सोननाथ गुप्ता ने बाजार पर असर पड़ने और बिक्री में कमी आने की संभावना जताई है।
मलमास की समाप्ति के बाद, 19 जून से शुभ मुहूर्त फिर से शुरू होंगे, जो 25 जुलाई तक रहेंगे। जुलाई माह में 1, 2, 6, 7, 8 और 12 तारीखें विवाह के लिए महत्वपूर्ण हैं।