माघी अमावस्या पर मंदाकिनी में डुबकी लगाने केा जुटे श्रद्धालु।
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माघी अमावस्या पर लाखाें श्रद्धालुओं ने गुलाबी ठंड के बीच मंदाकिनी में डुबकी लगाकर कामदगिरी की परिक्रमा कर खुशहाली की कामना की। वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न स्थानों में तैनात रहे।
मंगलवार को माघी अमावस्या पर कामदगिरी की परिक्रमा लगाने के लिए एक दिन पहले से श्रद्धालु ट्रेन और विभिन्न साधनों से धर्मनगरी पहुंचने लगे थे। राम घाट पहुंचकर मंदाकिनी नदी में स्नान किया। इसके बाद मतगजेन्द्रनाथ का जलाभिषेक किया।
प्रमुख द्वार पहुंचकर भगवान कामता नाथ के दर्शन किए। इसके बाद कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। धर्म नगरी के तीर्थ स्थान जानकी कुंड, भरत कूप, शिवरामपुर आदि में दर्शन किए।
जिलाधिकारी मोनिका रानी के निर्देश पर श्रद्धालुओें की व्यवस्था के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारी मेला क्षेत्र में तैनात रहे। पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल के निर्देश में थानाध्यक्ष और पुलिस कर्मी भी जगह-जगह ड्यूटी पर तैनात किए गए थे।
अच्छी फसल की मनौती
चित्रकूट। अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गुलाबी ठंड में सुबह से परिक्रमा लगाकर मनौती मानी। जिसमें हजारों किसान भी थे। किसानों ने इस साल अच्छी फसल की पैदावार होने की कामना की। महोबा के पनवाड़ी से आए श्यामसुंदर ने बताया कि लगातार सूखा पड़ने से किसान परेशान हैं।
इस बार ज्यादा बारिश होने से उम्मीद है कि फसल अच्छी होगी। यही मनौती भगवान से मांगने आए हैं। रीवा के पनवार से आए राम आसरे ने भी बताया कि अच्छी फसल कर मनौती मांगी है।
माघी अमावस्या में उम्मीद के मुताबिक श्रद्धालुओं की भीड़ कुछ कम दिखी। प्रशासन ने जहां पांच लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना लगाई थी। वहीं इस बार करीब तीन लाख ही श्रद्धालु पहुंचे। जानकारों ने बताया कि सहालग के साथ ही साथ नोट बंदी के चलते इस बार भीड़ कम रही।