मानिकपुर/सरैंया। क्षेत्र में एक पागल कुत्ते का आतंक लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। पिछले 48 घंटों में इस कुत्ते के काटने से 23 लोगों को इलाज के लिए सीएचसी मानिकपुर और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने स्थानीय निवासियों में भय और दहशत का माहौल है, खासकर बच्चों के स्कूल आने-जाने में मुश्किलें आ रही हैं।
रविवार और सोमवार को सरैंया और हनुवा क्षेत्रों के ग्रामीणों में पागल कुत्ते को लेकर दहशत देखने को मिली। सीएचसी में अब तक 12 ऐसे पीड़ितों का इलाज किया जा चुका है। सूचना मिलने पर एसडीएम मो. जसीम, प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव, और रानीपुर टाइगर रिजर्व प्रथम के क्षेत्रीय वनाधिकारी राजेश सोनकर अपनी टीमों के साथ सोमवार को बचाव अभियान पर निकले। ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने कई जगहों पर कुत्ते को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
कस्बे के समाजसेवी विनोद मिश्रा ने कहा कि हाईकोर्ट के आवारा कुत्तों को पकड़ने के आदेश के बाद नगर पंचायत और वन विभाग को सतर्क रहना चाहिए था। उन्होंने चिंता जाहिर की, कि कस्बे की गलियों में ऐसे कई आवारा कुत्ते घूमते हैं, जो लगातार खतरा बने रहते हैं। उधर, सरैया में जयदेवी, तीरथ, रजनिया, कुंवरिया और अन्य कई लोग इस कुत्ते के शिकार हुए हैं, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। सरैया के प्रधान कमल यादव ने ग्रामीणों के साथ मिलकर रेस्क्यू टीम के साथ विनय नगर, काली घाटी, मंडी, जल संस्थान और सरैया के आसपास कुत्ते की तलाश की। उन्होंने स्थानीय लोगों को अपने बच्चों और खुद को सुरक्षित रखने के उपाय सुझाए।