चित्रकूट। जिले में साधन सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल से रबी सीजन की तैयारी में जुटे किसानों के सामने खाद का संकट खड़ा हो गया है। सहकारी केंद्रों पर ताले लटके हैं, जिससे किसान सुबह से शाम तक खाद को भटक रहे हैं। वहीं, पीसीएफ केंद्रों पर भीड़ बढ़ रही है।
मंगलवार को शहर की गल्ला मंडी स्थित पीसीएफ गोदाम में खाद वितरण के दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। तड़के से ही किसान लाइन में लग गए, लेकिन सीमित स्टॉक के चलते दोपहर दो बजे तक 300 बोरी बांटने के बाद खाद खत्म हो गई। कई किसान घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए।
कोऑपरेटिव खाद समिति पहुंचे किसान राकेश तिवारी ने बताया कि केंद्र पर पहुंचे तो बताया गया कि हड़ताल चल रही है, खाद नहीं मिलेगी। इसी तरह महेश सिंह को भी लौटना पड़ा। गल्ला मंडी में लाइन में खड़े अजय पटेल और संतोष सिंह ने बताया कि सुबह नौ बजे से लाइन में लगे हैं, दोपहर हो गई लेकिन अभी तक बारी नहीं आई।
दरअसल, जिले में इस समय गेहूं, चना और सरसों की बोआई जोरों पर है। अच्छी पैदावार के लिए डीएपी की सबसे ज्यादा जरूरत है। सरकारी केंद्रों पर खाद न मिलने से किसान चिंतित हैं। निजी दुकानों पर खाद महंगी और बिना बिल के मिल रही है, इसलिए किसान सरकारी दर पर खाद लेना चाहते हैं।
केंद्र प्रभारी बाबू राम सिंह ने बताया कि हड़ताल के कारण सारा लोड पीसीएफ पर आ गया है। मांग अधिक है और आपूर्ति कम, इसलिए वितरण में परेशानी हो रही है।
वर्जन
हड़ताली कर्मचारियों के कारण फिलहाल पीसीएफ केंद्रों से ही खाद का वितरण कराया जा रहा है। शासन के निर्देश पर हड़ताल पर गए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही व्यवस्था सामान्य की जाएगी।- प्रकाश उपाध्याय, उपायुक्त, सहकारिता।