चित्रकूट। निर्धारित समय से चार घंटे की देरी से विशेष श्रमिक ट्रेन जैसे ही चित्रकूटधाम कर्वी के रेलवे स्टेशन पर रुकी सवार प्रवासी मजदूरों के चेहरे पर खुशी झलकने लगी। भूख और प्यासे से तड़प रहे यात्रियों ने उतरते ही पानी व भोजन की मांग की।
गुजरात के सूरत से पहली बार सबसे अधिक प्रवासी श्रमिकों को लेकर विशेष ट्रेन बुधवार देर रात को चित्रकूट पहुंची। ट्रेन में चित्रकूट समेत 12 अन्य जनपदों के 1276 श्रमिक आए। इनमें चित्रकूट के 155 व अन्य गोरखरपुर, कानपुर, आजमगढ़, कानपुर, बरेली, उन्नाव, बांदा, महोबा, हमीरपुर, सतना, पन्ना, बांदा, कौशांबी जिले के श्रमिक थे। सभी को ट्रेन से उतारकर रोडवेज बसों से सीआईसी कॉलेज लाया गया। भोजन कराकर व स्वास्थ्य परीक्षण कर गांव भेज दिया गया।
विशेष ट्रेन बुधवार की शाम 5.40 बजे आनी थी। ट्रेन रात 9.40 बजे आई। बच्चे ट्रेन की खिड़कियोें से उतरने को बेताब नजर आए। माइक से सभी को लाइन में खड़ाकर स्टेशन के बाहर खड़ी रोडवेज से सबको सीआईसी कालेज ले गए। वहां भोजन के बाद सभी का पंजीकरण किया गया।
सुरक्षा में जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय, पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल, एडीएम गणेश प्रसाद सिंह, एसडीएम अश्वनी पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी, सीओ रजनीश यादव, तहसीलदार दिलीप सिंह, कोतवाल अनिल सिंह, स्टेशन अधीक्षक आरसी यादव, उप स्टेशन प्रबंधक आरपी पासवान, मोहम्मद अली, कुलदीप श्रीवास्तव, जीआरपी थानाध्यक्ष पीएल प्रजापति, आरपीएफ प्रभारी एसके राठी रात भर डटे रहे।