अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने हत्या के एक मामले में दोषसिद्घ पाए जाने पर आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही आरोपी पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी देना होगा। वहीं एक अन्य आरोपी फरार होने की वजह से उसका मामला अलग से चल रहा है।
अभियोजन अधिकारी अवधेश कुमार सरोज ने बताया कि भौरी थाना रैपुरा निवासी वृंदावन पुत्र गणेश प्रसाद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके दादा मतगंजन प्रसाद पुत्र काशी प्रसाद एक जुलाई 2010 की रात छत पर सो रहा था वहीं उसका भाई गंगा प्रसाद, जो कई दिन बाद घर आया था एक अन्य आरोपी ओमनारायण गौतम पुत्र आदित्य नारायण निवासी भौरी भी सोए थे।
सुबह जब वह अपने दादा को जगाने गया तो उन्हें खून से लथपथ मृत पाया। वहां मौके पर खून लगा पत्थर भी पड़ा मिला। मौके से गंगा प्रसाद और ओम नारायण के भागने पर रिपोर्ट में दोनों को आरोपी बनाया था। जहां बाद में पुलिस ने ओम नारायण को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने ओम नारायण को उम्रकैद की सजा सुनाई। घटना के बाद से गंगा प्रसाद भागा हुआ है और उसका मामला अलग से विचाराधीन है।