चित्रकूट। तांत्रिक को गोली मारकर मौत के घाट उतारने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मंगलवार को सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपालदास ने बताया कि छह दिसंबर 2017 को मऊ थाने में बरियारी कला गांव निवासी वर्मा केवट ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि पांच दिसंबर 2017 की रात उसका बड़ा भाई छेदीलाल खाना खाने के बाद अपने पुत्र अजय के साथ चारपाई पर सो रहा था।
इस दौरान देर रात को गोली मारकर उसके भाई की हत्या कर दी गई। वादी के अनुसार छेदीलाल झाड़फूंक करता था और उसने छह हजार रुपये लेकर गांव के रामबली की गर्भवती पत्नी की भी झाड़फूंक की थी किंतु गर्भ खराब हो गया था। तबसे रामबली व उसका भाई चुनकाई पैसा वापस मांग रहे थे।
पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद रामबली व चुनकाई समेत तीन के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था। जिसमें तीसरे आरोपी के बाल अपचारी होने के चलते उसका आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित कर दिया गया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोषसिद्ध होने पर चुनकाई व रामबली केवट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही प्रत्येक को बीस हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।