चित्रकूट। पड़ोसी को घर से घसीट कर लाने और गला काटकर हत्या में दोषी पति, पत्नी और बेटे को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 11 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मामला बरगढ़ थाना क्षेत्र का है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि कड़ैहापुरवा सर्दी खुर्द निवासी हेतलाल आदिवासी ने बरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भतीजा रामकैलाश (46) एक मई 2023 की रात अपने घर में था। इस दौरान पड़ोस में रहने वाला धर्मराज आदिवासी अपने पिता समरजीत व मां सरोज देवी के साथ रामकैलाश के दरवाजे पहुंचकर गालीगलौज करने लगा।
विरोध करने पर तीनों लोग उसे घसीट कर अपने दरवाजे तक ले गए। इसके बाद समरजीत व उसकी पत्नी सरोज ने रामकैलाश को पकड़ लिया और उनके बेटे धर्मराज ने हसुवा (धारदार हथियार) से उसकी गर्दन में जानलेवा हमला कर दिया, जिससे रामकैलाश वहीं गिर गया। कुछ ही देर में वहीं पर उसकी मौत हो गई।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी मृतक के चाचा हेतलाल की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। एक साल पहले हुए इस हत्याकांड में अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते अब तक तीनों की जमानत नहीं हो सकी थी।
शुक्रवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश विकास कुमार (प्रथम) ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोषी धर्मराज, उसके पिता समरजीत व मां सरोज देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।