चित्रकूट। हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर चार भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 25 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। फैसले के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील सिंह ने बताया कि 18 फरवरी 2011 को पड़री गांव के निवासी सुंदरलाल ने शिवरामपुर चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें सुंदरलाल ने बताया था कि उसका भाई मोतीलाल 16 फरवरी 2011 की रात आठ बजे घर से ट्यूबवेल पर छोटे भाई जवाहर को खाना लेकर गया था।
देर तक घर न लौटने पर सभी लोगों ने तलाश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने शिवरामपुर चौकी में गुमशुदगी की सूचना दी। इसके बाद 18 फरवरी को सबेरे गांव के बाहर मोतीलाल की लाश सूखे नाले में मिली। उसकी गर्दन रेती गई थी।
पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर इस ब्लांइड मर्डर के मामले में पहले अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। विवेचना के दौरान इस मामले में पडरी गांव के निवासी भालेंद्र सिंह, छोटा सिंह, चुनका सिंह व जितेंद्र सिंह पुत्रगण जगमोहन सिंह के नाम सामने आए।
इनके विरुद्ध धारा 302 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। वादी के अनुसार उसके परिवार से पूर्व की रंजिश को लेकर आरोपियों ने एकराय हो कर उसके भाई मोतीलाल की गला रेतकर हत्या कर दी थी।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने दोष सिद्ध होने पर हत्यारोपी चारोें भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी।
साथ ही प्रत्येक अभियुक्त को 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। फैसले के दौरान सभी दोषी कोर्ट में मौजूद थे। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया।