चित्रकूट। रामघाट के पास किशोरी के बेसुध मिलने के मामले में पुलिस ने दावा किया कि उससे सामूहिक दुष्कर्म नहीं हुआ है। मुख्य आरोपी ने ही दुष्कर्म किया है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
किशोरी के आरोपी से पहले से जान पहचान होने की भी बात कही है।
शनिवार को पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने बताया कि सीतापुर चौकी के रामघाट के पास किशोरी अचेत मिली थी। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
परिजनों ने किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। किशोरी के मिलने पर मेडिकल कराया गया।
इसके बाद दुष्कर्म सहित पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इस मामले में आरोपी शिवा निषाद को शहर के बेड़ी पुलिया के बस स्टैंड के पास से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी के मुताबिक किशोरी ने बताया कि उसकी आरोपी से पहले से जान पहचान थी। दोनों घर से दिल्ली जाने के लिए निकले थे। बाइक से पहले उसको राजापुर ले गया और वहां दुष्कर्म किया।
इसके बाद रामघाट के पास छोड़कर भाग गया। बेसुध होने के सवाल पर कहा कि हो सकता है कि आरोपी ने किशोरी को फेंक दिया हो, इसी कारण बेहोश हो गई।
उधर, शनिवार की दोपहर किशोरी को जिला अस्पताल से पुलिस सुरक्षा में मजिस्ट्रेटी बयान के लिए लाया गया। बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।