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मानिकपुर के रानीपुर जंगल में छोड़ने के लिए लाया गया तेंदुआ।

Fri, 30 Jun 2017 11:26 PM IST
चित्रकूट
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leopard - फोटो : Manish aggarwal rishikesh
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अमर उजाला ब्यूरो
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चित्रकूट। पाठा क्षेत्र के रानीपुर वन्य जीव विहार में अब एक तेंदुए को छोड़ा गया है। जो पहले से मौजूद जानवरों के बीच इस अभ्यारण्य में स्वच्छंद विचरण में करेगा। बांदा के पवइया गांव से पकड़े गए इस तेंदुए को देखने के लिए हजारों लोग जंगल के आसपास पहुंचे। जिसके लिए प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था तैनात करनी पड़ी।
          वैसे तो रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र में सैकड़ों खूखंार व आकर्षक जानवर मौजूद हैं। शुक्रवार की दोपहर को इन मेहमानों के बीच तेंदुए को पूरी सुरक्षा के साथ छोड़ा गया है। गौरतलब है कि बांदा बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पवइया गांव में घुसे तेंदुए को वन विभाग के अधिकारियों ने बड़ी मशक्कत के बाद पिजरें में कैद कर लिया था। इसके बाद जिले और प्रदेश के अधिकारियों के निर्देश पर उसे मानिक पुर के रानीपुर के जंगल में छोड़ने के लिए रजामंदी हुई।
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          रानीपुर वन्य जीव विहार के क्षेत्राधिकारी त्रिवेणी प्रसाद के साथ वीएम शुक्ला, मारकुंडी रेंजर दयाराम की मौजूदगी में बांदा से विशेष वाहन से लाए गये तेंदुए को पूरी सुरक्षा के साथ सेंचुरी क्षेत्र में छोड़ा गया। पिंजरे से छुटते ही नर तेंदुआ तेजी से जंगल की ओर भागा। लगभग 100 मीटर दूर जाने के बाद थोड़ी देर के लिए उसने ठहर कर पीछे देखा आस-पास भारी भीड़ देखकर तेंदुआ जंगल में गायब हो गया।

हजारों लोग कर रहे इंतजार
मानिकपुर (ब्यूरो ) रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र में नए मेहमान के आने की सूचना अमर उजाला में शुक्रवार के अंक में छपी थी। सुबह से ही मुख्यालय से लेकर मानिकपुर व आस-पास क्षेत्र में इसे देखने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जब दोपहर को विशेष वाहन में रखे पिजरें के अंदर तेंदुए को लोगों ने देखा तो उसे नजदीक से देखने के लिए होड़ मच गई। जब इसे जंगल में छोड़ा गया तो आस-पास हजारों लोग लांठिया लेकर पहुंचे थे। तेंदुए के अप्रत्याशित हमले की संभावना पर वन विभाग ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी।
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26 हजार वर्ग मीटर में है रानीपुर सेंचुरी
चित्रकूट (ब्यूरो) रानीपुर क्षेत्र के इस सेंचुरी में बाघ,हिरन,भालू, मोर, सेही, नील गाय और हाथी मौजूद होने का दावा किया गया है। वन क्षेत्राधिकारी त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि यह क्षेत्र 26 हजार 600 वर्ग मीटर में फैला है। इस क्षेत्र में एक मादा तेंदुआ पहले से मौजूद है। अब नर तेंदुआ आने से इस प्रजाति की बढ़ने की भी संभावना है। गौरतलब है कि पन्ना टाइगर्स की एक बाघिन भी इस क्षेत्र में अपने दो बच्चों के साथ कुछ माह पूर्व देखी गई थी।
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