चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के छात्रों पर सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने शुक्रवार को लाठी चार्ज कर दिया। इसमें 12 से अधिक छात्र-छात्राएं घायल हो गए। तीन छात्रों की हालत गंभीर होने पर पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। छात्र परीक्षा परिणाम में कम अंक आने पर जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। एसडीएम सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
विश्वविद्यालय के छात्रों ने परीक्षा परिणाम में कम अंक आने पर जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। छात्र कुलपति से शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन कर रहे थे। घायल उमेश (25) ने बताया कि घोषित किए गए परीक्षा परिणाम से सभी छात्र-छात्राएं असंतुष्ट थे। कई बार कुलपति से इसकी शिकायत की थी लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। दोपहर को फिर से अपनी मांगो को लेकर प्रशासनिक भवन के बाहर एकत्र हुए थे और कुलपति से मिलने के लिए उनके कक्ष की ओर जा रहे थे। तभी बाहर का गेट बंद कर दिया गया। आरोप लगाया कि जब गेट खटखटाना शुरू किया तो विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी व कुलपति ने सुरक्षा गार्डों के साथ मिलकर लाठी चार्ज कर दिया। इससे भोला (25), पंचमलाल (20) सहित करीब 12 छात्र व छात्राएं घायल हो गए। घायल होने से कुछ छात्र बेहोश हो गए थे। कुछ छात्राओं को कमरे में बंधक बना लिया गया था, वह दरवाजा तोड़ के बाहर निकलीं हैं। छात्रों के प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम पूजा साहू, तहसीलदार चंद्रकांत तिवारी, सीओ राजकमल सहित भारी पुलिस बल पहुंचा। उमेश ने बताया कि कुलपति और सुरक्षा अधिकारी को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की गई है।
कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पांडेय का कहना है कि जो परीक्षा का परिणाम आया था। उसमें कुछ छात्र असंतुष्ट थे। वह लोग दोबारा कॉपी के चेकिंग कराने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग को कल पास कर दिया गया था। पता नहीं आज कैसे छात्र एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे। बताया गया कि छात्र सीढ़ी से गिरकर घायल हुए हैं। लाठीचार्ज नहीं हुआ है। छात्रों का जो आरोप है उसके लिए जांच समिति बना दी गई है। जो जांच कर रही है। इसमें छात्र भी शामिल हैं।