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राजापुर(चित्रकूट)। गडौली के तीन दर्जन से अधिक अग्निपीड़ितों को मिले गृह अनुदान के चेक अब बैंकों में जमा होने शुरू हो गए हैं। जिससे पीड़ितों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनके खाते में धनराशि आ जाएगी और सभी अपने टूटे व उजड़े आशियाने का निर्माण करा सकेंगे। बुधवार को डीएम मोनिका रानी ने बैंकों का दौरा किया और इस संबंध में बैंक कर्मियों को कड़े निर्देष दिए।
गडौली गांव में अग्निकांड होने के 18 दिन बाद अग्निपीड़ित चेक लिए महुआ व लमियारी गांव स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के चक्कर काट रहे थे। गांव की प्रधान शांतिदेवी के पति परगा ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। एक मई को अमर उजाला में अग्निपीड़ितों को झुलसा रहा बैंककर्मियों का रवैया शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई तो बैंकों में चेकों की फीडिंग शुरू कर दी गई है। बुधवार को प्रधानपति ने बताया कि लमियारी स्थित बैंक में मंगलवार से लेकर अब तक धनराज, गोरेलाल, शीतल,रंजीत और रामजीत निवासीगण गडौली के चेक जमा हो गए। प्रधानपति के अनुसार खबर छपने के बाद से ही बैंककर्मियों ने गांव में संदेश भेजकर चेक जमा करने को कहा है। इसी प्रकार महुआं गांव के बैंक में भी चेक जमा हो रहे हैं।
चित्रकूट। इस मामले में अग्रणी जिला प्रबंधक अभिनंदन कुमार ने कहा कि चेक जमा न करने की जानकारी के बाद दोनों बैंक के अधिकारियों से पूछताछ की गई। जिसमें बैंक मैनेजरों ने कहा कि चेक लेने से नहीं बल्कि कुछ दिन बाद आने को कहा गया था। इस पर दोनों मैनेजरों को डांटकर चेक हरहाल में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर लमियारी बैंक मैनेजर नीरज सिंह ने कहा कि सभी के चेक जमा हो रहे हैं। किसी के चेक जमा करने से रोका नहीं गया। खासकर अग्निपीड़ितों को बुलाकर चेक लिए गए जल्द ही उनके खाते में धनराशि ट्रांसफर होगी।
डीएम ने किया बैंको का निरीक्षण
चित्रकूट। अग्निपीड़ितों के चेक बैंक में जमा न होने की शिकायत पर जिलाधिकारी बुधवार को ग्राम पंचायत महुआ गांव के इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक पहुंचीं। पहले उन्होंने लंबी लाइन में खड़े लोगों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिन से पैसा निकालने आते हैं लेकिन पैसा नहीं मिलता है। इसके बाद जिलाधिकारी ने बैंक मैनेजर से इस संबंध में जानकारी ली जिसमें बताया गया कि बैंक में कैश उपलब्ध नहीं है। आज चार बजे तक आने की संभावना है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि जो लोग कैश लेने आते हैं उन्हें टोकन दिया जाए। धनराशि उपलब्ध होने पर टोकन धारकों को ही पैसा वितरित किया जाए। उन्होंने मंगलवार को किए गए भुगतानों के बिल बाउचर भी देखा। इस बैंक में लगभग 80 हजार खातेदार हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि अग्निपीड़ितों के साथ ही किसानों को बेवजह न भटकाया जाए।