मानिकपुर तहसील परिसर में प्रदर्शन करते धान गांव के ग्रामीण।
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धान गांव के ग्रामीणों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर कोटेदार पर सूखा राहत सामग्री देने के बदले रूपए मांगने और राशन सामग्री का वितरण समय से न करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों के साथ आए प्रधान ने नोडल अधिकारी पर घर बैठे पात्रों की सूची बनाने का आरोप लगाया।
मानिकपुर ब्लाक के धान निवासी वीरेंद्र सिंह, राममूरत, राजबली, फूलचंद्र, नरेंद्र सिंह, उमाशंकर, जानकी शरण, रामरईस, गोविंद, रमेश, शिवाकांत, राम प्रकाश, राजेंद्र कुमार, लीलावती, मंजू, उमा, फूला, समिलिया, कुसुमा, रागनी आदि ने बताया कि सूखा राहत सामग्री के वितरण के दौरान कोटेदार सभी से सौ से लेकर डेढ़ सौ रूपए मांगता है और न देने पर पैकेट नहीं देता। इसके अलावा राशन सामग्री का वितरण भी समय से नहीं हो रहा।
अपात्रों को राशन सामग्री देने का विरोध करने पर कोटेदार धमकी देकर भगा देता हैै। ग्रामीणों के साथ आए प्रधान गिरीश कुमार ने एसडीएम को ज्ञापन देकर बताया कि डीएम द्वारा बनाए गए नियम के खिलाफ नोडल अधिकारी ने गांव में न जाकर घर बैठे ही पात्रों की सूची बनाई जिससे कई पात्र योजना का लाभ पाने से वंचित हैं। इस मामले में एसडीएम रामसकल मौर्य ने बताया कि गांव में पहले दूसरे नोडल अधिकारी थे। पहले बनाई गई सूची की जांच गांव जाकर कराई जाएगी। पात्रों को ही योजना का लाभ दिलाया जाएगा।