फोटो नं- 27 सीकेटीपी 15 शंकर बाजार में कलश यात्रा निकालतीं महिलाएं। संवाद
चित्रकूट। कार्तिक मास की शुरुआत मंगलवार से हो गई है। पहले दिन से ही धर्मनगरी में ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य किया। मठ-मंदिरों में भी धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए।
शहर में जगह-जगह श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। शंकर बाजार में कथा के पहले दिन महिलाओं ने भव्य कलश शोभायात्रा निकाली। कथा व्यास अश्वनी महाराज ने पहले दिन कार्तिक महात्म्य की कथा सुनाई। इस दौरान भागवत प्रसाद अग्रहरि, लीलावती अग्रहरि मौजूद रहे। इसी तरह कुबेरगंज समेत अन्य स्थानों पर भी कथा शुरू हुई।
भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास महाराज ने बताया कि कार्तिक मास में भगवान विष्णु और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। इस पूरे माह तुलसी विवाह और तुलसी के समक्ष दीपदान किया जाता है। यदि नदी तक जाना संभव न हो तो घर के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इस माह में अन्न, वस्त्र और दीप का दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है।