महिला दिवस पर निर्धन और कानून विषयक राज्यस्तरीय
गोष्ठी हुई। जिला अधिवक्ता संघ भवन में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त रजिस्टार पंचमलाल ने की। मुख्य अतिथि
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अच्छेलाल सरोज और विशिष्ट अतिथि सिविल जज प्रशांत
बिलगैया थे।
गोष्ठी में पंचमलाल ने कहा कि स्थिति में परिवर्तन
लाने के लिए खुद में बदलाव लाना पड़ेगा। न्याय पाने के लिए घर से निकलना
पड़ेगा। मुख्य अतिथि अच्छेलाल सरोज ने कहा कि जिस विषय पर गोष्ठी आयोजित की
गई है, वह विषय आज का प्रासंगिक विषय है।
उन्होंने ह्यूमन राइट्स
ला नेटवर्क जैसी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना की। सिविल जज प्रशांत
बिलगैंया ने महिलाओं से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी सहायता
प्राप्त करने की सलाह दी।
अधिवक्ताओं स्मृति कार्तिकेय तथा विशाल
कश्यप ने गोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संचालन रुद्र प्रसाद मिश्र ने
किया। उन्होंने कहा कि गरीबों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए
संघर्ष करना पड़ेगा। अधिवक्ता केके राय ने इस बात पर चिंता जताई कि आज भी
भेदभाव, छुआछूत, अंधविश्वास जैसी बुराइयां समाज में हैं।
रमेश
शुक्ला, मुन्नी, धर्मशिला, राकेश सिंह आदि ने विचार रखे। दूसरे सत्र में
अध्यक्षता शिवकुमार मिश्र ने की। समापन नीरू गुप्ता के गीत से हुआ।