फोटो नंबर- 5- चित्रकूट के शेल्टर होम में ठहरे कोटा राजस्थान से आए छात्र। जांच के बाद घर जाने की अनुम?
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चित्रकूट। कोटा राजस्थान के लौटे छात्र-छात्राओं को दूसरे दिन प्रशासन ने जांच के बाद घर जाने की इजाजत दे दी। जिस पर छात्रों के परिजन भावुक हो उठे। प्रशासन ने उन्हें 14 दिन घर में क्वारंटीन रहने को कहा है। छात्रों का कहना है कि इस महामारी के खात्मे के बाद वह कोचिंग करने फिर जाने को उत्सुक हैं। वह अपने कैरियर को अधूरा नहीं छोड़ सकते।
शनिवार को कोटा राजस्थान से दो छात्रा व दस छात्र शहर लौटे थे। यह सभी इंजीनियरिंग व मेडिकल की कोचिंग कर रहे थे। रात में डायट परिसर के हाल में अलग अलग स्थान पर सभी के सोने का इंतजाम किया गया। डीएम, एसपी, एसडीएम व तहसीलदार समेत सीएमओ लगातार छात्रों की निगरानी करते रहे।
शिवरामपुर निवासी किसान ओमदास पटेन के पुत्र हर्ष पटेल ने बताया कि इस माहौल में घर वापसी से बेहद खुश है। इस बीमारी को लेकर वह सब भयभीत हैं। रास्ते में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन कई जगह चेकिंग के नाम पर घंटों खडे़ रखा गया। अब घर पहुंचकर वह खुश हैं। शिवरामपुर क्षेत्र के ही एलआईसी एजेंट विनोद मिश्रा के पुत्र आशुतोष मिश्रा ने बताया कि कोटा में पढ़ाई व भोजन की समस्या होने लगी थी। अब गांव लौटने पर खुशी है। इन सभी छात्रों ने कहा कि वह अपना कैरियर बनाने के लिए घरों में भी पढ़ाई करते रहेंगे और लॉकडाउन खत्म होने पर जब लगेगा कि कोरोना वायरस का प्रभाव खत्म हो गया है तो वह फिर कोचिंग करने कोटा जाएंगे।
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अपने बच्चों जैसा समझकर लाए
चित्रकूट। झांसी डिपो की रोडवेज बस चालक जनरल सिंह, परिचालक आशाराम कुशवाहा, छात्रों के साथ तैनात सुरक्षाकर्मी बालेंद्र कुमार व आरके सिंह जब इन छात्रों को लेकर मुख्यालय पहुंचे तो उनके चेहरे पर संतोष दिखा। अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह लंबे सफर में सभी छात्रों को अपने ही परिवार के बच्चों की तरह मानकर लाए हैं। रास्ते में जहां छात्रों ने जो कहा वही किया।