मऊ (चित्रकूट)। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के बीसी सेंटर में लोगों को लालच देकर खाते खुलवाने और उन खातों में करीब 50 लाख रुपये का गलत तरीके से लेनदेन करने के मामले में जांच अटक गई है।
पुलिस की जांच मोबाइल नंबरों की डिटेल, चैट और बैंक लेनदेन पर अटकी हुई है। अब तक 23 खातों में संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई है। 23 सितंबर को सामने आए मामले में आरोपी धवाड़ा निवासी राममनोहर ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और कमीशन का लालच देकर खाते खुलवाए थे। आरोपी ने सिम भी निकलवाई थी।
इसके बाद खातों का इस्तेमाल फर्जी लेनदेन के लिए किया था। कई खाताधारकों को इसकी जानकारी तक नहीं थी कि उनके खाते में लाखों का लेनदेन हो रहा है। मामला सामने आने के बाद बाबूजी और मनीता देवी की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
इस जांच में आरोपी के मोबाइल से 23 खातों की डिटेल भेजने की बात सामने आई, साथ ही छह मोबाइल नंबर भी संदिग्ध मिले हैं। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर चैट और कॉल डिटेल खंगाल रही है। इसके अलावा बैंक से हुए लेनदेन की डिटेल मांगी है। कुछ बैंक कर्मियों से पूछताछ की जा चुकी है।
थाना प्रभारी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के मोबाइल की बैटरी खराब होने से जांच में बाधा आ रही है। साइबर टीम की मदद से डिलीट चैट का डाटा रिकवर किया जा रहा है। बैंक से सभी संदिग्ध खातों की लेनदेन डिटेल मांगी गई है, लेकिन पूरी जानकारी नहीं मिलने से जांच धीमी है। दस्तावेज मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।