चित्रकूट। जीआरपी के एसएचओ समेत पांच सिपाहियों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच शुरु हो गई है। जांच अधिकारी ने मंगलवार को पांचों नामजद अलग अलग बयान दर्ज कराए। लगभग तीन घंटे तक पूछताछ चली।
गौरतलब है कि 25 दिसंबर को क्षीरका पुरवा नया गांव चित्रकूट निवासी ओम नारायण समेत उसके रिश्ते में भाई ओमप्रकाश व धनराज नामक तीन छात्रों की जीआरपी थाने में पिटाई का मामला सामने आया था। पिटे छात्र व उनके परिजनों की शिकायत पर जीआरपी एसपी विपुल कुमार ने चित्रकूट आकर जांच की। प्रथम दृष्टया आरोपी थाना प्रभारी त्रिपुरेश कौशिक, दरोगा संदीप कुमार व तीन अन्य सिपाही को लाइन हाजिर किया। पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसी मामले की जांच कर रहे जीआरपी सीओ नईम मंसूरी ने पहले लाइन हाजिर सभी आरोपियों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। इसके बाद सीओ ने पीडित परिवार के परिजनों से बातचीत की। पूरे घटनाक्रम की उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज खंगाली। कुछ लोगों के मोबाइल पर मौजूद वीडियो को भी देखा और इसे रिकार्ड के रूप में शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि जांच प्रक्रिया जारी है। कई महत्वपूर्ण जगह के फुटेज नहीं मिले हैं। लाइन हाजिर तीन सिपाहियों में दो ने खुद को निर्दोष बताकर फंसाने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में जांच अधिकारी ने कहा कि पूछताछ व कई अन्य लोगों के बयान से सब सामने आ रहा है।