चित्रकूट। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत जिले में करीब 14 हजार लोगों ने आवेदन किए हैं। आवेदनों की जांच धीमी होने से लाभार्थियों को लाभ मिलने में देरी हो रही है। अभी तक केवल 1646 पात्र लोगों को ही पहली किस्त मिल पाई है।
शहर में कुल 13,835 लोगों ने आवास योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए हैं। नगर पालिका व तहसील की संयुक्त कमेटी इन आवेदनों की जांच कर रही है। कमेटी ने अभी तक 6,678 आवेदनों की जांच पूरी की है, जिसमें से 4,367 लोगों को पात्र पाया गया है। वहीं, 2311 आवेदन अपात्र घोषित किए गए हैं। लोगों का आरोप है कि आवेदनों की जांच करने वाले कर्मचारी हीलाहवाली कर रहे हैं, जिससे प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इस देरी से आवेदक पालिका व तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हैं। योजना का लाभ लेने के लिए तीन लाख रुपये सालाना की आय सीमा निर्धारित है।
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यह होती जांच प्रक्रिया
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के आवेदनों की जांच नगर पालिका व तहसील के कर्मचारी करते हैं। इसकी रिपोर्ट डूडा कार्यालय को करते हैं। वहां से जांच रिपोर्ट के कागजातों का सत्यापन किया जाता है। फिर इसके बाद 10 फीसदी आवासों की जांच कमेटी करती है और उस रिपोर्ट की एडीएम स्तर से दो से पांच फीसदी आवासों की जांच होती है। फिर उसी रिपोर्ट के आधार पर शासन को पूरी सूची भेजी जाती है। तब जाकर वहां लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलता है।
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दौड़ लगा रहे लाभार्थी
नगर के राकेश कुमार व बदामिया देवी नगर पालिका पहुंची और आवेदन के बारे में जानकारी मांगी लेकिन वहां कोई जानकारी न देकर जांच की बात कह कर लौटा दिया गया। दोनों ने बताया कि चार माह पहले आवेदन किया था, अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है।
बोले जिम्मेदार
आवेदन पत्रों की नगर पालिका स्तर की कमेटी जांच करती है। उसकी रिपोर्ट पर दो बार जांच कराई जाती है। फिर फाइनल सूची को शासन को भेजा जाता है। तभी लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलता है।
-अजय यादव, प्रभारी डूडा।