चित्रकूट/राजापुर/बरगढ़/मऊ/ मानिकपुर। नवमी को देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ा। महिलाओं ने विधि विधान से पूजा पाठ किया। मां के जयकारों से मंदिर गूंजते रहे। भक्तों ने मंदिरों के बाहर दही-जलेबी और हलवा-पूड़ी का प्रसाद कन्याओं को बांटा।
नवरात्र के अंतिम दिन भगवती के नवम स्वरूप सिद्धिदात्री का दर्शन पूजन व उपासना भक्तों ने किया। सुबह से ही शहर के शंकर बाजार, काली देवी मंदिर, सहित जिले के राजापुर, मानिकपुर, मऊ, भरतकूप, शिवरामपुर क्षेत्र के देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही।
महिलाओं ने मंदिर में प्रसाद चढ़ाया। कई परिवारों ने बच्चों का मंडन संस्कार कराया। सुबह से ही भीड़ रही। जगह - जगह कन्या भोजन का आयोजन किया गया। देवी मंदिरों में पूरे दिन घंटे घडिय़ाल गुजते रहे। कई स्थानों पर अनुष्ठानों का भी आयोजन किया गया। भजन कीर्तन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
इसके अलावा बरगढ़, मऊ, मानिकपुर, सरैंया, राजापुर, पहाड़ी, शिवरामपुर, रामनगर, भरतकूप व खोही में भी नवमी परंपरागत तरीके से मनाई गई। संत लवलेश दीक्षित ने बताया कि अंतिम दिन मां दुर्गा के नवम स्वरूप सिद्धिदात्री के दर्शन करने से इनकी कृपा से सभी कार्य सफल हो जाते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस तैनात रही। कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होने से महिलाओं को समस्याओं का सामना करना पड़ा।