अस्पताल में भर्ती शिक्षिकाओं का हालचाल लेते शिक्षक
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प्रधान के साथ हुए विवाद के बाद बेहोश हुई दोनों शिक्षिकाओं के स्वास्थ्य में सुधार है। रविवार को शिक्षक संघ के नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर दोनों का हालचाल जाना। शिक्षक नेताओं ने एलान किया जब तक प्रधान की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक विद्यालय का ताला नहीं खुलेगा। बीएसए ने मामले में प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मालूम हो कि प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर प्राथमिक विद्यालय रुपौली में शनिवार को ग्राम प्रधान व शिक्षिकाओं के साथ हुए विवाद में प्रभारी प्रधानाध्यापक गीता देवी व सहायक अध्यापक ऊषा देवी ने प्रधान पर कागजात फाड़ने का आरोप लगाया था। इसी दौरान कहासुनी के बाद दोनों शिक्षिकाएं बेहोश हो गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को दोनों शिक्षिकाओं की हालत में काफी सुधार हुआ। डा. पीडी चौधरी के अनुसार दोनों शिक्षिकाओं को घर जाने के लिए कहा गया, लेकिन कुछ कमजोरी बताकर दोनों ने अभी अस्पताल में ही रहने को कहा है। दोनों की हालत ठीक है।
उधर जिला अस्पताल पहुंची अन्य शिक्षिकाओं ने दोनों से मुलाकात की। शिक्षक संघ के सभी संगठन के पदाधिकारियों की मौजूदगी अस्पताल में ही रही। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश पांडेय ने कहा पुलिस आरोपी प्रधान को गिरफ्तारी करें। एमडीएम के बैंक खाते से प्रधान का नाम हटाकर एकल खाता किया जाए और प्रधान का विद्यालय में प्रवेश रोकने के आदेश पुलिस जारी करें। यह तीनों मांगे पूरी न हुई तो सोमवार से जिले के सभी विद्यालयों में तालाबंदी रहेगी। इस बारे में ग्राम प्रधान/भाजपा के पूर्व किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुरेश दत्त त्रिपाठी ने बताया कि आरोप गलत हैं। प्रबंध समिति का चुनाव गलत तरीके से किया गया है। वह हर जांच के लिए तैयार हैं।