इसी घर पर काम करते वक्त हुआ हादसा।
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कच्चे घर की छत पर खपरैल लगाते समय वहां से गुजरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। जबकि दो अन्य बाल-बाल बच गए। एसडीएम व सीओ ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली। एसडीएम ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। हादसा बुधवार सुबह हुआ।
गांव के बगीचापुरवा निवासी शांति पत्नी स्व. नत्थू के कच्चे घर की छत पर खपरैल और कडिया (अरहर के पौधे की लकड़ी) लगाने का काम तीन मजदूर कर रहे थे। जैसे ही बगीचापुरवा निवासी मजदूर रामबालक (22) पुत्र बब्बू यादव ने एक बांस उठाकर दूसरे मजदूर को पकड़ाने का प्रयास किया, तो वहीं से गुजरी हाईटेंशन तार से बांस छू गया। बांस गीला होने के कारण उसमें करंट उतर आया और मजदूर बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर पड़ा। यह देखकर अन्य मजदूर भी नीचे भागे।
आनन-फानन में झुलसे मजदूर को मानिकपुर सीएचसी लाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होने पर एसडीएम रामसकल मौर्य, सीओ बैजनाथ, प्रधानपति कमल यादव व लेखपाल राजनारायण सिंह मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों से पूछताछ कर एसडीएम ने बताया कि मृतक के परिजनों को सरकारी नियमों के तहत मुआवजा दिलाया जाएगा।
क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन मानक से कम ऊंचाई पर होने से अक्सर घटनाएं होती हैं। स्थानीय लोग इसे हटवाने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भी दे चुके हैं। प्रधानपति कमल यादव के अनुसार, जब कोई घटना हो जाती है, तो अधिकारी तार हटवाने का आश्वासन देते हैं लेकिन कुछ दिन बाद सब भूल जाते हैं।
इसी गांव में एक अप्रैल 2014 को रामचंद्र की पुत्री सीमा घर की छत पर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलस गई थी। करंट लगने से उसके शरीर के कई अंग काम नहीं कर रहे। बुधवार को हुए हादसे की चपेट में आया मजदूर राम बालक तीन बहनों के बीच अकेला था। इस घटना के बाद मृतक की मां मुन्नी देवी समेत बहनाें का रो-रोकर बुरा हाल है। सैकड़ों लोगों ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया।