मऊ/भरतकूप(चित्रकूट) में लॉकडाउन के बाद से लगातार जिले के बाहरी जनपदों में रहने वाले यहां के मजदूर गांव लौट रहे हैं। जिसमें से कई तो सीधे गांव घर की बस्ती में पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। कई गांव के प्रधान व ग्रामीणों ने बेबाकी से बताया कि कहने को स्वास्थ्य विभाग ने कई आपातकालीन मोबाइल नंबर बांटे गए हैं लेकिन इसमें सूचना देने के बाद दो तीन दिन कोई जांच करने नहीं आता।
जब से लॉकडाउन हुआ है जंगली रास्ते से जिले में चारो तरफ से शहरों में काम करने वाले मजदूर गांव आ रहे है। जिससे ग्रामीणों को डर सता रहा है कि बाहर से आने वाले मजदूरों के कारण गांव में कोरोना वायरस न फैल जाए। कुछ गांवाें में ग्रामीण सूचनाएं भी प्रशासन को देते है। इसके बाद भी वहां पर स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंच रही है।
जिले में की सीमा से मध्यप्रदेश सहित यूपी के कौशांबी, बांदा, प्रयागराज जिले हैं। जहां से जंगली रास्तों, नदी के रास्ते से ग्रामीण आ रहे है। जिसमें सूरत, अहमदाबाद, इंदौर आदि शहर अधिक मजदूर आए हैं। जो अपने अपने घरों में पहुंच गए है। जहां पर घर वाले खातिरदारी करते रहते हैं।