प्रधान पद के चुनाव के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष व
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष भिङ़ गए पुलिस दोनों को समर्थकों के
साथ कोतवाली ले आई। काफी देर तक दोनों नेता कोतवाली में बैठे रहे आखिर में
समझौते के बाद दोनों घर चले गए। किसी ने भी तहरीर नहीं दी।
मुख्यालय
से सटे बनकट की सीट पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर यादव के छोटे भाई की
पत्नी सोनादेवी व सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष माताप्रसाद कुशवाहा की पुत्रवधु
आशा प्रधान पद का चुनाव लड़ रहीं हैं।
दोनों समाजवादी पार्टी से जुडे़
नेता हैं। शनिवार को मतदान के दौरान लगभग डेढ़ बजे प्राथमिक विद्यालय बनकट
के बूथ पर कुछ मतदाता वोट डालने पहुंचे तो पीठासीन अधिकारी ने पहचान पत्र
लिए मतदाताओं से वोट डलवाए लेकिन कुछ के पास पहचान पत्र न होने के कारण उसे
बाहर कर दिया गया।
इसी बात को लेकर विवाद हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस
वहां मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्व जिलाध्यक्ष को कोतवाली ले आई।
मामला कोतवाली में पहुंचते ही सपा के जिलाध्यक्ष भइयालाल यादव, नरेंद्र
कुमार गुप्ता, गुलाब गुप्ता, गुलाब खां, सत्यनारायण पटेल, अफजल अली व फराज
खां भी कोतवाली पहुंचे। लगभग एक घंटे बाद आपसी समझौते के आधार पर पुलिस ने
छोड़ दिया।