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हरियाली बढ़ाने के लिए उठी बीज बैंक की मांग

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चित्रकूट। जिले में बीज बैंक की मांग उठी है। पर्यावरणविद इसे जिले में हरियाली बढ़ाने के लिए जरूरी मान रहे हैं। पर्यावरणविद गुंजन मिश्रा बीज बैंक के लिए लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। वह कहते हैं कि इससे करोड़ों रुपये की बचत होगी। हरियाली भी बढ़ेगी। किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बीज बैंक के लिए समाजसेवियों को आगे आने की जरूरत है।
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चित्रकूट में इस साल 50 लाख से अधिक पौधे रोपने की योजना बनाई गई है। एक पौधे की कीमत तकरीबन तीन रुपये के हिसाब से लक्ष्य पूरा करने के लिए लगभग 1.5 करोड़ रुपये पौधों पर खर्च होंगे। बीज बैंक के जरिए इस धन को बचाया जा सकता है। वहीं किसानों को इससे कम दर पर पौधे मिलेंगे। गुंजन मिश्रा के ही अनुसार पेड़ व जंगल विलुप्त होने की वर्तमान दर पृष्ठभूमि दर की तुलना में 100 से 1000 गुना अधिक है। यह खतरनाक भी है।
बीज बैंक के लिए ऐसे कर सकते शुरुआत
गुंजन मिश्रा बताते हैं कि बीज बैंक बेहद आसान है। हम घर में अच्छी किस्म के आम, जामुन, अमरूद, पपीता, बेर, बेल, सब्जी लाते हैं। इनके बीज कूड़ेदान में डाल देते हैं। इन फ लों के स्वस्थ बीजों को धोकर सुखा लें। वन विभाग औैर प्रशासन को धार्मिक स्थल, स्कूल, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, डाकघर आदि सार्वजनिक जगह बीज बैंक के लिए बॉक्स का इंतजाम करना होगा। इनकी पुड़िया बनाकर अपना नाम व बीज का नाम लिखकर इन बॉक्स में डाल दें। इससे कम समय में अच्छी गुणवत्ता के बीजों का समृद्ध बैंक बन जाएगा। बीजों को हार्टीकल्चर स्टॉफ को सौंप दिया जाए। इससे हर साल बड़ी तादाद में पौधे तैयार होंगे। इन्हें रोपकर हरियाली बढ़ा सकते हैं। इससे वन विभाग का पैसा भी बचेगा।
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