सामाजिक विकास संस्थान द्वारा समेकित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन परियोजना के तहत बंदरकोल और सेमरिया गांवों में चल रहा किसानों का दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम शुक्रवार को समाप्त हो गया। इसमें किसानों को उन्नत और नई तकनीक की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां में विशेषज्ञों ने किसानों को वर्मी कंपोस्ट, जीवामृत, घनजीवामृत, मटका खाद और नई तकनीक की जानकारी दी। अरुण शुक्ला ने बताया कि किसानों को नई तकनीक के तहत उन्नतशील बीज बोने चाहिए। इससे उन्हें अच्छी पैदावार मिलेगी और मुनाफा भी होगा। वीरेंद्र सिंह ने आम, नींबू, करौंदा, अमरूद, आंवला और कटहल की प्रजातियां बताईं। दल का नेतृत्व संस्था के परियोजना समन्वयक जितेंद्र प्रताप सिंह ने किया।