जूनियर विद्यालय खोह में सोमवार को व्यक्ति स्वस्थता और स्वास्थ्य विषय पर शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक विकास संस्थान के शिविर में मुख्य अतिथि जानकीकुंड अस्पताल की चिकित्सक शैलजा ने कुपोषण से बचने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि गांवों में लड़कियों की शादी जल्दी हो जाती है। ऐसे में जब वह ही एनेमिक होंगी तो बच्चा भी कुपोषित होगा।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में कुपोषित बच्चों की संख्या ज्यादा है। उन्होंने ग्रामीणों से इस ओर सोचने और लड़कियों की शादी 18 साल के बाद करने की सलाह दी। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को हाथ धोने का तरीका भी समझाया। संतुलित आहार, माहवारी के संबंध में भी जानकारी दी। परियोजना प्रबंधक रमादेवी साहू ने बताया कि ये कार्यक्रम किशोरियों और महिलाओं को जागरूक करने के लिए किए जा रहे हैं। मौके पर दिया, पाला, बेसनिया, परामर्शदात्री रीता सिंह, होरीलाल, अर्चना, रामप्रकाश, यशोदा आदि मौजूद रहीं।