मानिकपुर (चित्रकूट)। गाजियाबाद से चलकर श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन शुक्रवार को मानिकपुर जंक्शन पहुंची। यहां 563 प्रवासी श्रमिक उतरे। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके पहले चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन पर 20 श्रमिक उतरे गए। जिनको गांव तक भेजा गया।
शुक्रवार को गाजियाबाद से मानिकपुर के लिए श्रमिक ट्रेन चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन निर्धारित समय से लगभग 9 घंटे लेट पहुंची। यहां पर मात्र 20 श्रमिक ही उतरे। जिनको बस के माध्यम से चित्रकूट इंटर कालेज ले जाकर खाना खिलाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उनको घर भेजा गया। जिसमें 4 श्रमिक कौशंबी व एक सतना जिले का था। इसके बाद ट्रेन मानिकपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। जहां पर 563 श्रमिक ही उतरे जिसमें से एक श्रमिक ही मात्र मानिकपुर क्षेत्र था। जब कि 562 श्रमिक प्रयागराज जिले के लिए बसों से भेजे गए।
मानिक पुर स्टेशन पर मौजूद उप जिलाधिकारी संगमलाल, तहसीलदार मणिमीना, थानाध्यक्ष के.के मिश्र, जीआरपी थानाध्यक्ष सुनील कुमार आरपीएफ थानाध्यक्ष पीएस परिहार रहे। चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन में अपर जिलाधिकारी गणेश सिंह, एसडीएम अश्वनी कुमार पांडेय अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी, सीओसीटी रजनीश यादव, कोतवाल अनिल सिंह सहित स्टेशन मास्टर आरसी यादव आदि मौजूद रहे।
ट्रेन में नहीं मिला भोजन
चित्रकूट/मानिकपुर। प्लेटफार्म पर उतरे श्रमिक राजकुमार, मोहन लाल तिवारी, सुनील सिंह आदि ने बताया कि उनको ट्रेन में गाजियाबाद ही खाना व पानी मिला था। अन्य स्टेशनों में भोजन नहीं मिला। जिससे बच्चे परेशान रहे। स्टेशन परिसर में भी खाने पीने की वस्तु नहीं खरीदने दी गई। यहां तक की पानी भी नहीं लेने दिया गया। जहां कहीं भी इस स्टेशन से पहले ट्रेन रुकी। कहा गया जो यात्री जहां उतरा जाएगा वहीं पर खाना मिलेगा। उधर मानिकपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई के जनजाति प्रमुख आशीष कुमार के नेतृत्व में सदस्यों ने श्रमिकों को पानी की बोतल, नमकीन बिस्कुट आदि उपलब्ध कराया है। इस मौके पर प्रदीप कुमार व सचिन पांडेय आदि मौजूद रहे।
कहां कितने श्रमिक उतरेंगे पता नहीं
चित्रकूट। स्टेशन परिसर चित्रकूट धाम कर्वी में ट्रेन रुकी लेकिन अधिकारियों को सही जानकारी नहीं थी कि ट्रेन से कितने यात्री चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन में उतरेंगे। एक बार अन्य जिले के श्रमिक को ट्रेन उतर लिया गया। इसके बाद उन्हें दोबारा ट्रेन में बैठने के लिए कहा गया। बार बार ऐलान किया गया कि जिसको चित्रकूट स्टेशन में उतरना है वह उतर जाए। यहां 20 श्रमिक ही उतरे। जबकि चार रोडवेज बसे लगाई गई थी। मात्र एक बस में ही बैठकर चले गए। पूरे मामले में एडीएम जीपी सिंह ने बताया कि श्रमिकों को निश्चित समय पर भोजन व पानी के साथ ही बस उपलब्ध कराई गई है।
नौ घंटा ले पहुंची ट्रेन
प्रवासियों को लेकर ट्रेन निर्धारित समय से 9 घंटा 10 मिनट लेट चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन में पहुंची। ट्रेन को ररात को 1 बजे आना था जो सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर पहुंची।