दुकान में पूजन सामग्री रखे बैठा दुकानदार
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चैत्र नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में जितनी आस्था और विश्वास है उतना ही सूखे के कारण इस बार उत्साह नजर नहीं आ रहा। प्रतिवर्ष हजारों कुंतल पूजन सामग्री का स्टाक रखने वाले दुकानदारों ने आधा ही माल मंगाया। नौ दिनों तक फल व मिठाई के सहारे व्रत रखने वाली महिलाएं उबाले आलू से ही पेट भरकर देवी उपासना कर रहीं हैं। मंदिर के पुजारी भी कहते हेैं कि पहले दिन तो सूखे का भारी असर दिखाई पड़ा। चढावे में पिछले वर्ष की तुलना में आधी ही रकम मिली।
बुंदलेखंड में सूखे को लेकर सरकार से लेकर कोर्ट तक चिंता कर रही है लेकिन मुआवजा और राहत पात्रों को मुस्कान नहीं लौटा पा रही। शुक्रवार से शुरू नवरात्र के पहले ही दिन दुकानदार से लेकर व्रत रखने वाली महिलाएं और मंदिर के पुजारियों के चेहरे में इसका प्रभाव दिखा।
शहरी क्षेत्र के नारियल, बतासा, पूजन सामग्री और फलों के थोक स्टाकिस्ट महेश केशरवानी, महेश साहू, भोले गुप्ता, इकबाल अहमद और अब्दुल सत्तार ने बताया कि सूखे के कारण मालूम था कि बिक्री पर प्रभाव पड़ेगा, इसीलिए इस साल पिछले वर्ष की तुलना में आधा ही स्टाक रखा है। सर्वाधिक बिक्री नारियल की होती है।
आंध्र प्रदेश और केरल में खूब पैदावर के कारण नारियल का दाम पिछले साल की तुलना में कम है लेकिन सूखे के कारण बिक्री नहीं है। पिछले साल 100 कुंतल नारियल का स्टाक जिले में था लेकिन इस बार 50 कुंटल भी मुश्किल है।
फल विक्रेताओं ने बताया कि अंगूर व संतरा की बिक्री सर्वाधिक होती है लेकिन सूखे के कारण इस बार ज्यादा स्टाक नहीं कर रहे। प्रतिदिन की बिक्री के हिसाब से सतना से माल मंगाते हैं।