चित्रकूट। कोरोना काल के दौरान अपने माता-पिता अथवा माता एवं पिता में से किसी एक को खोने वाले बच्चों के भविष्य के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना संचालित की गई है। योजना के तहत उनके अभिभावक व केयर टेकर को 4,000 रुपये प्रतिमाह प्रति बच्चे की दर से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव विदुषी मेहा ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही बच्चों के लिए मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं एवं उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना-2015 एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य है कि ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता अथवा उनमें से किसी एक की मृत्यु कोरोना से संक्त्रस्मित होने के कारण, प्रभाव में या महामारी के दौरान हो गई है, उनके भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। माता-पिता सहित परिवार की आय दो लाख रुपये प्रतिवर्ष से अधिक नही है, उन बच्चों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि बालिकाओं की शादी के लिए 1,01,000 रुपये का अर्थिक सहयोग दिया जायेगा। कक्षा नौ या इससे ऊपर अथवा व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को टैबलेट व लैपटॉप तथा लाभार्थी बच्चों के बालिग होने तक उनकी चल-अचल संपत्ति की कानूनी एवं विधिक सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी संरक्षक तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सहायता प्रदान की जायेगी।