मानिकपुर(चित्रकूट)। पेट दर्द से कराह से बालक को सीएचसी में चार इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस के समझाने पर मामला शांत हुआ। सीएमओ बोले, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के चुरेह केशरुआ ग्राम के मजरा सुअरगढ़ा निवासी गोरे लाल कोल ने बताया कि उसके पांच वर्षीय पुत्र अर्पित के पेट में सोमवार की रात अचानक दर्द बढ़ गया। परिजन उसे सीएचसी मानिकपुर लाए। स्टाफ ने बच्चे की ओर ध्यान नहीं दिया। बच्चे की चीख सुन डाॅक्टर ने इंजेक्शन लगा दिया। दोबारा देर तक डॉक्टर के न आने पर विरोध किया तो डॉक्टर व स्टॉफ ने तीन इंजेक्शन लगा दिए। कुछ देर बाद एक और इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद बालक की तड़प कर मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने डाॅक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी विनोद शुक्ल ने मामला शांत कराया। मंगलवार को तीन डाक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया है। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन भाइयों में छोटा था। मां सुकरिया देवी के आंसू नहीं थम रहे। पिता ने कहा कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से कर डॉक्टर व स्टॉफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की जाएगी।
मामले में सीएचसी मानिकपुर प्रभारी डाॅ. मनीष कुमार से पूरी जानकारी ली गई है। उन्होंने बताया कि अर्पित के बीमार होने पर उसके परिजन अस्पताल लाए थे। पहली बार उसका इलाज किया गया तो कुछ ठीक होने पर उसे घर ले गए। रात में फिर तबीयत बिगड़ी तो दोबारा अस्पताल लाए। इलाज के हिसाब से इंजेक्शन लगाया गया बालक की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर भी किया गया था, वहां से जाने के पूर्व ही उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी उसी हिसाब से कार्रवाई होगी।
डॉ. भूपेश द्विवेदी, सीएमओ
इनसेट
चित्रकूट। पोस्टमार्टम हाउस परिजनों का हाल जानने पहुंचे सपा के पूर्व सदर विधायक वीर सिंह पटेल ने कहा कि मानिकपुर सीएचसी में डाॅक्टर ने तीन इंजेक्शन लगाए। इसके बाद नर्स ने भी बिना पूछताछ किए एक इंजेक्शन लगा दिया। जिससे बच्चे की मौत हो गई। सांसद व विधायक के माध्यम से लोकसभा व विधानसभा में मामला उठाया जाएगा। इसकी उच्च स्तरीय शिकायत कर जांच कराई जाएगी।