सूचना के बावजूद दमकल के वक्त पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। होली के पहले घर में आग लगने से पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है। रविवार शाम कलवारा बुजुर्ग गांव के लक्ष्मीपुरवा में दीनदयाल के घर में चिंगारी से अचानक आग लग गई। पता चलते ही परिजनों ने आग बुझा दी। लेकिन तब तक आग पड़ोस के कमलेश यादव पुत्र धर्मपाल के घर को अपनी चपेट में ले चुकी थी। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया।
ग्रामीणों के प्रयास के बावजूद दीनदयालके भाई लवलेश यादव, मूलचंद और विकलांग प्रेमचंद्र के घर धू-धूकर जलने लगे। ग्रामीणों ने बताया फायर बिग्रेड घटना की सूचना देने के दो घंटे बाद भी गांव नहीं पहुंची। आखिरकार ग्रामीणों ने मिल-जुल कर दो घंटे के प्रयास से आग पर काबू पाया। अग्निकाड से चारों भाइयों के घरों में लाखों रुपये की की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान है। चारों भाई खेती और मजदूरी कर गुजारा करते हैं।
26 अप्रैल को कमलेश की पुत्री का विवाह भी तय है। सभी परिजन अपनी जली संपत्ति देख दहाड़े मारकर रो रहे थे। सूचना पर लेखपाल भोला प्रसाद ने गंाव पहुंच कर प्रभावित परिवारों और जले सामान की सूची बना कर होली के पहले सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। पीड़ितों ने आरोप लगाया आग लगने से जितना नुकसान हुआ है उससे कम लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में दिखाया है।