निरीक्षण करतीं डीएम मोनिका रानी
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डीएम मोनिका रानी ने 2014 से शुरू श्याम कृपा कामधेनु डेयरी का निरीक्षण कर श्रीफल का वृक्ष भी लगाया। गायों के रख रखाव और दुग्ध उत्पादन की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह जिले में पहली व किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण डेयरी है। जिन किसानों को माइक्रो/मिनी कामधेनु डेयरी खोलना हो। वह मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय से संपर्क करके डेयरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह योजना बड़े किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे दूध का उत्पादन के साथ रोजगार भी मिल सकता है। गायों के गोबर से खाद बनती है जो खेतों में डालकर अधिक उपज ले सकते हैं।
इस खाद से जमीन की उर्वरकता एवं नमी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि जहां पर गाय बंधी है वहां पर पाइप के माध्यम से स्प्रिंग कलर सेट लगा दिया जाए तो गायों को गर्मी से राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जो भी किसान डेयरी खोलना चाहता है। वह श्याम कृपा कामधेनु डेयरी से अनुभव लेकर योजना का लाभ लें। श्याम कृपा कामधेनु डेयरी के योगेश जैन ने बताया कि यहां पर 100 गाय हैं।
जिसमें कुछ गायें शाहीवाल व देशी हैं। जो राजस्थान व हरियाणा से लाई गईं हैं। इस डेयरी में एक दिन में 630 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इस मौके पर समाजसेवी पंकज अग्रवाल भी मौजूद रहे।