चित्रकूट। एसआईआर अभियान में जिन मतदाताओं को नोटिस थमाई गईं अब वो परेशान हैं और वो अभिभावकों के नाम व पता समेत वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट के साथ बूथ से लेकर तहसील तक चक्कर लगा रहे हैं। ये नोटिस उन मतदाताओं को दी गई हैं, जिन्होंने अभियान में बीएलओ को जरूरी दस्तावेज मुहैया नहीं कराए थे।
जिले में कुल 1,71,429 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें करीब 14 हजार मतदाता नो मैपिंग श्रेणी में शामिल थे। सभी को नोटिस तामील कराए जा चुके हैं। अब तक 1,01,060 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 45 हजार नोटिसों का निस्तारण किया जा चुका है।
चुनाव आयोग ने नो मैच श्रेणी के मतदाताओं के लिए 13 प्रकार के दस्तावेजी विकल्प उपलब्ध कराए हैं। इसके बाद अधिकांश मतदाता एसआईआर की पिछली मतदाता सूची और निर्वाचन फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) दिखाकर ही अपना दावा पेश कर रहे हैं। चुनावी अधिकारियों का कहना है कि गणना प्रपत्र भरते समय कई मतदाताओं ने पूर्व सूची का विवरण नहीं दिया था। अब सुनवाई के दौरान वही मतदाता 2003 की सूची खोजकर प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे वैध दस्तावेज मानते हुए निस्तारण किया जा रहा है। जिले की सभी तहसीलों और बूथों पर प्रतिदिन मतदाता पहुंचकर आवश्यक अभिलेख जमा कर रहे हैं। बीएलओ और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के समक्ष दावे-आपत्तियों की सुनवाई हो रही है। एक मतदाता ने बताया कि गणना प्रपत्र के समय वर्ष 2003 की सूची उपलब्ध नहीं थी। बाद में गांव से सूची मंगवाकर संलग्न की, तब जाकर फार्म पूरा हो सका।
वोटर बनने के लिए ऑनलाइन करें आवेदन :
मतदाता अपना नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाकर फार्म-6 भर सकते हैं। ऑफलाइन प्रक्रिया में फार्म-8 (घोषणा पत्र) आवश्यक अभिलेखों के साथ बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है।
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बोले जिम्मेदार-
एसडीएम पूजा साहू ने बताया कि चित्रकूट में 8000 लोगों को नो मैपिंग में था इसमें से 6800 लोगों ने दस्तावेज जमा कराए हैं। बाकी की सुनवाई हुई है।
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जिले में दोनों विधानसभाओं में भेजी गई नो मैपिंग व विसंगति सूची-
चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र :
नो मैपिंग -8488- विसंगति-96108
मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र :
नो मैपिंग- 6439 विसंगति- 60394
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कुल नो मैपिंग- 14927
कुल विसंगति सूची- 156502