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चित्रकूट जेल गैंगवार: जेल हत्याकांड मामले में बड़ी कार्रवाई, जेलर और जेल अधीक्षक निलंबित, इनको मिली जिम्मेदारी

Fri, 14 May 2021 01:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

चित्रकूट जिला जेल रगौली में कैदी अंशुल दीक्षित ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम काला की हत्या कर दी थी। मुकीम काला पश्चिम उत्तर प्रदेश का बड़ा बदमाश था। वहीं पुलिस कार्रवाई में अंशुल दीक्षित भी मारा गया।
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चित्रकूट जिला कारागार - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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चित्रकूट जेल हत्याकांड में प्रशासन ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए जेलर और जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने यह आदेश जारी किया।
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वहीं इनकी जगह अब अशोक कुमार सागर को चित्रकूट जेल अधीक्षक बनाया गया है साथ ही सीपी त्रिपाठी को जेलर नियुक्त किया गया है। बता दें कि चित्रकूट जिला जेल रगौली में कैदी अंशुल दीक्षित ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम काला की हत्या कर दी थी। मुकीम काला पश्चिम उत्तर प्रदेश का बड़ा बदमाश था। वहीं पुलिस कार्रवाई में अंशुल दीक्षित भी मारा गया। जेल के अंदर फायरिंग से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। 

सूत्रों के अनुसार मृतक बंदी कुछ दिनों पूर्व बाहरी जेल से यहां शिफ्ट हुआ था। जिले के आला अफसर मौके पर मौजूद हैं। आईजी के सत्यनारायण, डीएम सुभ्रान्त कुमार शुक्ला, एसपी अंकित मित्तल, जेल अधीक्षक श्री प्रकाश त्रिपाठी समेत भारी फोर्स मौके पर मौजूद है। बता दें कि मुकीम पर हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण, फिरौती जैसे 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे।
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चित्रकूट जेल की घटना में मृत मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली को जिला जेल बनारस से प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करके चित्रकूट जेल लाया गया था। जबकि दूसरे मृत कैदी मुकीम काला को जिला जेल सहारनपुर से प्रशासनिक आधार पर चित्रकूट जेल लाया गया था।


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मेराज अली, मुकीम काला, अंशुल दीक्षित - फोटो : amar ujala
कभी चिनाई मिस्त्री रहे मुकीम की गिनती हार्डकोर क्रिमिनल के रूप में होती थी। वहीं मुकीम काला को मारने वाले अंशुल दीक्षित को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर जिले के गोरखनाथ थानाक्षेत्र से 2014 में गिरफ्तार किया था। तब उसे सीएमओ विनोद आर्या के बहुचर्चित हत्याकांड के आरोपी शूटर अंशु दीक्षित को गोरखनाथ थाना क्षेत्र के 10 नंबर बोरिंग से मुठभेड़ के बाद उसे अरेस्ट किया था।

उसके खिलाफ लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र नेता विनोद त्रिपाठी की भी हत्या का आरोप है। बदमाश पर जीआरपी सीतापुर ने 5 हजार जबकि भोपाल मध्य प्रदेश की पुलिस ने 10 हजार का इनाम घोषित किया था। तब एसटीएफ ने बदमाश के कब्जे से एक पिस्टल, एक तमंचा, कारतूस और फर्जी आईडी प्रूफ बरामद किया था। एसटीएफ की पूछताछ में अंशू ने स्वीकार किया कि वह सीतापुर के एमएलसी भरत त्रिपाठी और उनके बेटे परीक्षित त्रिपाठी की हत्या के लिए साथियों की तलाश करने के लिए गोरखपुर आया था।

चित्रकूट धाम मण्डल के आईजी के. सत्यनारायण ने पुष्टि करते हुए बताया कि जेल में पश्चिम यूपी के टॉप मोस्ट क्रिमिनल मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला पर शार्प शूटर अंशुल दीक्षित ने गोलियां चलाई। अंशुल दीक्षित पूर्वांचल का शार्प शूटर बताया जा रहा है। दोनों गुटों में हुए संघर्ष में मेराजुद्दीन और मुकीम मारे गए।

अंशुल भी जेल परिसर में ही पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। डीआईजी जेल पीएन पांडेय ने भी बताया कि वर्चस्व की इस भिड़ंत में दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग भी हुई है। अंशुल दीक्षित नाम के कैदी ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला को मार गिराया। इसके बाद भारी पुलिस बल ने जेल के अंदर ही अंशुल का एनकाउंटर कर दिया। घटना की जांच तथा स्थिति का जायजा लेने हेतु प्रभारी उप महानिरीक्षक कारागार प्रयागराज रेंज पी एन पांडे चित्रकूट के लिए रवाना हो चुके हैं। 

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