मऊ(चित्रकूट)। थाना क्षेत्र के मैदाना गांव अंतर्गत मजरा कोल्हुआ व धवाड़ा पुरवा अग्निपीडि़त भीषण गर्मी में पन्नियों के सहारे रहने को मजबूर हैं। कई अग्निपीडि़त तो अभी भी जले हुए समान मेें गृहस्थी की बची सामग्री तलाश रहे हैं कि शायद कुछ बच गया हो। दिनभर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। शाम को प्रशासन ने पांच ििकलो गेहूं व चावल उपलब्ध करा दिया। अब उनके सामने सवाल आ गया कि कहां और कैसे खाना बनाये।
गुरुवार को कोल्हुआ व धवाड़ा पुरवा में 12 घर पूरी तरह से जल गए थ। वहीं पांच घरों में आंशिक रूप से आग लग गई थी। जिसमें कई अग्निपीडि़त अपने जले हुए घर के ऊपर पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं। अग्निपीडि़त लल्लू, शिवशंकर, भइयन ने बताया कि आग लगने से उनकी सारी गृहस्थी जल गई है। शासन की तरह से हुए नुकसान का सर्वे कराया गया है। कहा गया कि आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी लेििकन पूरा दिन गुजर गया कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया। तेज धूप व गर्मी में जले घरों के पास पन्नी डाल कर रहने लगे हैं। वही बुधिया, कामता प्रसाद ने बताया कि अभी अग्निपीडि़त जल समान के बीच वस्तु की तलाश कर रहे है। जले सामान की दुर्गंध आने से वहां बैठना भी मुश्किल हो रहा है।
पीडि़त दुर्गा, उदल, सुंदरलाल, नन्हू, राम अभिलाष, लवकुश ने बताया कि उनके घर भी आंशिक रूप से जल गए हैं। जिनको मुआवजा दिलाया जाए। एसडीएम राकेश कुमार पाठक ने बताया कि अग्निपीडि़तों के हुए नुकसान का सर्वे कराया गया है। जिनको आर्थिक सहायता दिलाया जाएगा। उनके रहने खाने की व्यवस्था करने के लिए गांव के सचिव व प्रधान को व्यवस्था करने के लिए कहा गया। शाम को सभी पीडि़तों को पांच पांच किलो गेहूं व चावल कोटेदार से दिलाया गया है।