जिला अस्पताल में सिलेंडर में आग लगने पर इससे निपटने के तरीके बताते फायर बिग्रेड कर्मी।
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चित्रकूट में गैस सिलिंडर में लगने वाली आग को बुझाने के लिए गीला कंबल, बोरे या झटके साथ पानी डालें। यह बात शनिवार को जिला अस्पताल में फायर बिग्रेड कर्मियों को प्रशिक्षण देते हुए एफएफओ अभिषेक ने कही।
शुक्रवार को फायर बिग्रेड की टीम जिला चिकित्सालय पहुंची। यहां आयोजित गोष्ठी में एफएसओ ने बताया कि आग पांच प्रकार की होती है। जिसमें पहला ठोस पदार्थों में लकड़ी, दूसरा द्रव पदार्थों में पेट्रोल, केरोसिन, तीसरा गैस सिलिंडर, चौथा मेंटल व पांचवां इलेक्ट्रिक की आग होती है।
हर आग को बुझाने का तरीका अलग है। लकड़ी या कोयला से लगी आग को बुझाने के लिए तेजी से पानी डालना चाहिए। पेट्रोल व केरोसिन की आग में पानी के स्थान पर साबुन व निरमा के झाग वाला पानी प्रयोग करना चाहिए।
गैस सिलिंडर में आग लगने पर गीला कंबल तेजी से मार कर या लपेट कर आग को बुझाया जाता है। इस मौके पर फायर बिग्रेड के हवलदार चंद्र प्रकाश, प्रमोद कुमार, सीएमएस डॉ.आरके गुप्ता, फार्मासिस्ट अशोक सिंह, धीरेंद्र, ठाकुर दीन, योगेश, सुरेश, दिनेश आदि मौजूद रहे।