फोटो 04 सीकेटीपी 12 फिरोज आलम फाइल फोटो। आर्काइव।
फोटो 04 सीकेटीपी 12 फिरोज आलम फाइल फोटो। आर्काइव।
नहीं देख पाया नवजात बेटी का चेहरा
झारखंड अपने घर जा रहा था युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। अपनी नवजात बेटी को देखने की इच्छा लेकर घर लौट रहे पिता की सोमवार को एक ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। परिजन का कहना है कि फिरोज को बच्ची का चेहरा देखना भी नसीब नहीं हुआ।
दुर्घटना का शिकार हुए युवक की पहचान झारखंड के पलामू जिले के नवाजयपुर निवासी फिरोज आलम (30) के रूप में हुई है। फिरोज तेलंगाना के कुरनूल में एक फ्लाईओवर बनाने वाली कंपनी में काम करता था। उसके घर में तीन दिन पहले ही बेटी का जन्म हुआ था। अपनी नन्ही परी को देखने और परिवार के साथ खुशियां मनाने के लिए वह तेलंगाना से अपने घर के लिए ट्रेन से निकला था। सोमवार सुबह करीब 10 बजे जब ट्रेन टिकरिया और इटवा डुडैला के बीच से गुजर रही थी तभी फिरोज चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। इस अनहोनी घटना में उसकी मृत्यु हो गई।
सूचना मिलते ही मारकुंडी थाना पुलिस ने पहुंचकर जांच की। तलाशी में फिरोज की जेब से एक टिकट, पर्स और आधार कार्ड बरामद हुआ। इन कागजातों के आधार पर उसकी पहचान हो सकी। परिजन ने मंगलवार दोपहर को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर युवक की पहचान की। पोस्टमार्टम के बाद शव को सौंप दिया गया।
थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि कागजातों से मृतक की पहचान की गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। उधर, इस घटना के बाद से फिरोज की बेगम सोनिया खातून और उसके बेटे का हाल बेहाल है।