चित्रकूट। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान का असर बुंदेलखंड तक पहुंच गया है। बुधवार दोपहर बाद अचानक चित्रकूट का मौसम बदल गया।
करीब दो बजे से आसमान में काले घने बादल छा गए और देखते ही देखते शहर से लेकर गांव तक बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे किसान चिंतित रहे।
मानिकपुर, मऊ, राजापुर, बरगढ़, पहाड़ी, खोही समेत पूरे जिले में दिनभर बादलों की आवाजाही लगी रही। मौसम के इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय जिले में धान की फसल पककर तैयार खड़ी है। अगर खेतों में पानी भर गया तो फसल गिर जाएगी। दाने काले पड़ने का भी खतरा रहेगा।
किसान शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि इस बार धान की फसल उम्मीद से अच्छी है, लेकिन बारिश हुई तो महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। गनीवां कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मनोज शर्मा ने बताया कि यह चक्रवात का ही असर है। 29 और 30 अक्तूबर को जिले में तेज बारिश हो सकती है।
31 अक्तूबर को भी हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इसके बाद ही आसमान साफ होगा। ऐसे में किसानों को कटाई कुछ दिन टालने की सलाह दी गई है। उधर, सभी किसान अभी से मेड़ों पर निकासी की नाली बना रहे हैं, ताकि बारिश का पानी खेत में न रुके।