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अशोह में धमाका: झोले से खुला कौशांबी कनेक्शन

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- मांस के टुकड़ों को खाने आ रहे चील-कौओं पर भी नजर
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- एसआईटी ने निजी व सरकारी अस्पतालों तक फैलाया जाल
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। पहाड़ी थाना क्षेत्र के अशोह गांव में भाजपा नेता के प्लॉट में हुए विस्फोट मामले की जांच में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगा है। घटनास्थल के पास मिले झोले की पहचान कौशांबी के एक दुकानदार ने की है। दुकानदार ने बताया कि इस तरह का झोला उसने बेचा था। इससे अंदेशा है कि विस्फोट में उड़ा युवक कौशांबी जिले का हो सकता है। पुलिस अब दुकान से झोला खरीदने वालों की जानकारी जुटा रही है। मौके से मच्छरदानी भी बरामद हुई है।
उधर, मामले में एसपी अरुण कुमार सिंह ने एसआईटी गठित की है। एसओजी, सर्विलांस और थाने की कई टीमें चित्रकूट ही नहीं पड़ोसी कौशांबी जिले के अस्पतालों में भी घायल मरीजों की तलाश कर रही हैं। पुलिस मांस के टुकड़ों को खाने आ रहे चील-कौओं पर भी नजर रख रही है ताकि साक्ष्य नष्ट न हों। साथ ही जिले के सभी थानों को पिछले एक महीने में लापता हुए लोगों की सूची बनाने को कहा गया है।
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भाजपा आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक जगदीश प्रसाद गौतम के प्लॉट में 12 सितंबर को तेज विस्फोट हुआ था। घटनास्थल पर मानव अंगों के टुकड़े, मांस के लोथड़े और एक झोला मिला था। फॉरेंसिक टीम ने सैंपल एकत्र कर लिए हैं। बृहस्पतिवार को टीमें दिनभर खेतों में शरीर के अन्य हिस्सों की तलाश में जुटी रहीं।
25 साल से ऊपर के लग रहे पैर
विस्फोट के बाद सिर्फ दो कटे और जले पैर मिले हैं। शरीर का अन्य हिस्सा नहीं मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पैरों से पता चलता है कि युवक की उम्र 25 साल से अधिक है। इसी आधार पर अब जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस को शक है कि विस्फोट में कोई दूसरा व्यक्ति घायल हुआ हो और अस्पताल में भर्ती हो। इसी शक में एक टीम कौशांबी भेजी गई है। चित्रकूट से लेकर कौशांबी तक के निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती संदिग्ध घायलों की सूची निकाली जा रही है।
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होटल और ढाबों में मजदूरों पर भी नजर
पुलिस की जांच अब होटल और ढाबों में काम करते मजदूरों पर टिक गई है। चित्रकूट सीमावर्ती जिला है, यहां सतना, रीवा, पन्ना और बिहार से बड़ी संख्या में मजदूर आकर होटल-ढाबों और खदानों में काम करते हैं। आशंका है कि मृतक इन्हीं में से एक हो सकता है। पुलिस ने पहाड़ी और आसपास के सभी होटल-ढाबा संचालकों से मजदूरों का रिकॉर्ड तलब किया है। बिहार समेत चार राज्यों की पुलिस से संपर्क कर गुमशुदगी की रिपोर्ट मांगी गई है। सर्विलांस टीम विस्फोट स्थल के आसपास एक्टिव रहे मोबाइल नंबरों की डिटेल निकाल रही है।
बोले जिम्मेदार

- शिनाख्त के बाद ही विस्फोट के कारणों से पर्दा उठेगा। अवैध विस्फोटक के स्रोत की भी जांच की जा रही है।- निशि कांत राय, प्रभारी थाना, पहाड़ी।
- युवक की पहचान के लिए टीमें लगी हैं। पहचान होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा।- अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक।
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